टोटके – 12

सर्वत्र सफलता, यश एवं कीर्ति के लिये खास टोटके :-

Dr.R.B.Dhawan

1. जीवन में मनवांछित सफलता प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से अपने माता-पिता और बड़े बुजर्गो का आशीर्वाद लें कर ही अपने दिन की शुरुआत करें, और तभी घर से कहीं बाहर जाएँ, याद रखिये उनका कभी भी किसी भी दशा में दिल न दुखायें । 

2. स्त्रियों को देवी का स्वरुप माना गया है, घर की स्त्रियों (एवं किसी भी स्त्री को) पूर्ण सम्मान दें, शास्त्रों में भी लिखा है जिस घर में स्त्रियाँ प्रसन्न रहती हैं, वहां पर सौभाग्य स्वयं खिंचा चला आता है । 

3. जीवन में स्थाई सुख और सफलता तभी प्राप्त होती है जब हमारे कर्म शुभ होते हैं, क्रोधी, लालची, अभिमानी, शक्ति का दुरूपयोग करने वाला,गलत तरीके से धन संग्रह करने वाले को यदि धन, शक्ति और सत्ता का आस्थाई सुख मिलता भी है तो, उसको पारिवारिक जीवन का सुख नहीं मिलता है, उसका बुडापा कष्टमय बीतता है, क्रोधी, लालची, अभिमानी, जीवन में निरंतर अस्थिरता बनी रहती है, उसके परिवार में कोई न कोई रोग बना ही रहता है, इसलिए हम सभी को अपने कर्म अवश्य ही अच्छे करने चाहिए । 

4. यदि जीवन में लगातार कार्यों में बाधाएं आती हैं तो, किसी भी दिन किसी मंदिर में अनाज के दाने चड़ाकर सच्चे मन से अपनी मनोकामना को कहिये, काम अवश्य ही निर्विघ्न रूप से पूर्ण और सफल होगा ।

5. सुबह उठते ही सर्वप्रथम अपने दोनों हाथों की हथेलियों को जोड़कर गौर से देखें, फिर उसे 3 बार चूम कर अपने चेहरे पर फिराएं, उसके बाद अपने इष्टदेव को मन ही मन में प्रणाम करते हुए अपना दाहिना पावँ जमीन पर रखें, तत्पश्चात अपने माता-पिता के चरण छू कर उनसे आशीर्वाद लें, उनका अभिवादन करें, तभी कुछ और बोलें । यह दिन की शुरुआत बहुत ही चमत्कारी मानी जाती है, इससे आप निश्चित ही पूरे दिन उत्साह और प्रसन्नता का अनुभव करेंगे । 

6. प्रतिदिन प्रातः काल कुल्ला करके सर्वप्रथम थोडा शहद चख लें, तत्पश्चात नियमित रूप से सुबह नहाने के बाद सूर्य देवता को ताम्बें के बर्तन में गुड़ / चीनी, फूल मिश्रित जल से अर्ध्य दिया करें, इससे जीवन में समस्त बाधाएँ दूर होती हैं, एवं मान-सम्मान, ऐश्वर्य और सफलता की प्राप्ति होती है । 

7. मंगलवार के दिन मिट्टी के एक बर्तन में शुद्ध शहद भरकर किसी एकांत स्थान में चुपचाप रख आईये, कार्य निर्विघ्न रूप से बनने लगेंगे, ऐसा करने से पहले या बाद में इसे किसी को भी न बताएं । 

8. यदि गृह स्वामी अपने भोजन से गाय, चिड़िया और कुत्ता के लिए कुछ अंश निकालकर उन्हें नियमित रूप से खिला दें तो, उसके घर में सदैव सुख और सौभाग्य का वास बना रहता है । 

9. रविवार को छोड़कर रोजाना सुबह स्नान के बाद पीपल के पेड़ में सादा जल और शनिवार के दिन दूध, गुड / शक्कर, मिश्रित जल चड़ाकर और संध्या के समय धूप / कडवे तेल का दीपक अर्पित करके अपनी मनोकामना कहिये, हर कार्यों में शीघ्र ही सफलता मिलनी लगेगी। 

10. एक बिलकुल नया लाल सूती वस्त्र लेकर उसमें जटायुक्त नारियल बांधकर प्रभु का स्मरण करते हुए उस नारियल से अपनी मनोकामना 7 बार कहें, फिर उसे बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें, कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होने लगेंगी।

11. दाहिने हाथ में काला धागा और दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में सोने की अंगूठी धारण करें, इससे कार्य आसानी से बनेगें । 

12. यदि आपका कोई शत्रु है, जो आपके कार्यों में रूकावट डालता है, आपको हानि पहुंचाता सकता है तो, मंगलवार के दिन एक नए लाल कपडे में 900 ग्राम लाल मसूर की दाल, सवा किलो गुड, एक कोई भी ताम्बें का बर्तन, चमेली के तेल की शीशी और 11 रुपये बांधकर उसे पहले हनुमान जी के चरणों से लगाकर अपनी सफलता के लिए प्रार्थना करें, फिर किसी भी गरीब जरुरतमंद को दान दें दें ….। ऐसा 3 मंगलवार तक अवश्य करें, और उस दिन किसी पर भी क्रोध न करें, शत्रु शांत होने लगेंगे । 

13. आर्थिक रुकावटें दूर करने के लिए धनतेरस से दीपावली तक लगातार तीन दिन संध्या के समय शुद्ध घी का दीपक जलाकर गणेश जी को लड्डू अर्पित करने और गणेश स्त्रोत्र का पाठ करने से सभी आर्थिक कार्य बनने लगते हैं ।

14. रात को सोते समय अपने सिरहाने में एक ताम्बे के बर्तन में जल भरकर उसमें शहद मिलकर कोई भी सोने / चाँदी की अंगूठी अथवा सिक्का रखकर उस बर्तन को बंद कर दें, और सुबह अपने इष्ट देव एवं अपने माता – पिता को प्रणाम करने के बाद सर्वप्रथम निहार मुंह उसी जल को पियें, सभी कार्यों में आसानी से सफलता मिलने लगेगी । 

15. अपने घर की छत को हमेशा साफ करवाते रहे, पानी की टंकी दक्षिण, नैत्रतय कोण, दक्षिण या पश्चिम में ही रखवाएं और कोई भी भारी सामान इन्ही क्षेत्रों में रखें, याद रहे वावय्व कोण, उत्तर, पूर्व और ईशान कोण हमेशा खाली या हल्का रहना चाहिए । 

16. यदि गोमती चक्र को लकड़ी की डिब्बी में पीले सिंदूर के साथ रख दिया जाय तो, व्यक्ति के कार्यों में बाधाएं खत्म होने लगती हैं, उस व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होनी शुरू हो जाती है ।

17. व्यापार या किसी भी खास काम में जाने से पहले 21/- रुपये किसी गुप्त जगह में ईश्वर का नाम लेते हुए रखकर चले जाएँ, आपको सफलता मिलने की पूरी सम्भावना बनेगी ..। वापस आकर इन रुपये को बिना किसी को बताए हुए किसी गरीब को दान में दे दें । 

18. घर से बाहर जाते हुए सबसे पहले विपरीत दिशा में चार पग जायें उसके पश्चात पलट कर अपने कार्य में चले जाये कार्यों में सफलता मिलेगी। 

19. रविवार को छोड़कर प्रतिदिन 2-3 तुसली के पत्ते ग्रहण करके घर से बाहर जाने पर सभी बाधाएँ दूर होती हैं । 

20. प्रात: काल गणेश जी को दूर्वा अर्पित करके घर से बाहर जाएँ सभी कार्य निर्विघ्न रूप से संपन्न होंगे । 

21. पांच बत्तियों का दीपक किसी भी मंगलवार या शनिवार को हनुमान मंदिर में जला कर उनसे अपनी समस्या के निराकरण के लिए प्रार्थना करें सभी परेशानियाँ, मानसिक तनाव दूर हो जायेंगे । 

22. सुबह पूजा के बाद आरती करते हुए दीपक में दो लौंग डाल दें या कपूर में दो फूल वाले लौंग डालकरआरती करें दिन भर सारे कार्य सुगमता से बनेगें । 

23. शनिवार के दिन सरसों के तेल और काली उरद के दान देने से सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं । 

24. यदि आये दिन आपके कार्यों में विघ्न आते है बने हुए काम बिगड़ जाते हैं तो, किसी भी दिन सरसों के तेल के दीपक में एक अखंडित लौंग डालकर उस दीपक को निर्जन स्थान में जला दें, और प्रभु से मन ही मन अपनी समस्या के निराकरण के लिए प्रार्थना करें …। सभी विघ्न बाधाएं शांत हो जाएगी। कार्यों में सफलता मिलने लगेगी । 

25. रविवार को छोड़कर प्रतिदिन सुबह तुलसी के पौधे में जल चड़ाकर धूप से अर्ध्य देकर ही घर से बाहर जाएँ, सभी दिशाओं से उत्साह वर्धक समाचार प्राप्त होंगे । 

26. महत्वपूर्ण कार्यों को करते समय लाल/नीले गहरे कलर के कपड़े पहनने से कार्यों में अवश्य ही सफलता प्राप्त होती है । 

27. घर से बाहर किसी महत्वपूर्ण कार्य में जाते समय मुख्य द्वार पर काली मिर्च डालकर उस पर पैर रखकर घर से बाहर निकलें फिर वापस न आएं कार्यों में सफलता मिलेगी । 

29. सिंदूर लगाये हुवे भैरवनाथ जी की मूर्ति से सिंदूर लेकर के अपने ललाट पर तिलक करें, और अपने मन की सारी बात भैरवनाथ जी को कह दें, ऐसा प्रत्येक रविवार के दिन करें, कुछ ही सप्ताह में आपके सभी काम निर्विघ्न रूप से बनते ही जायेंगे।

30. किसी शनिवार को, यदि उस दिन ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ हो तो अति उत्तम सांयकाल अपनी लम्बाई के बराबर लाल रेशमी सूत नाप लें। फिर एक पत्ता बरगद का तोड़ें। उसे स्वच्छ जल से धोकर पोंछ लें। तब पत्ते पर अपनी कामना रुपी नापा हुआ लाल रेशमी सूत लपेट दें, और पत्ते को बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। इस प्रयोग से सभी प्रकार की बाधाएँ दूर होती हैं, और कामनाओं की पूर्ति होती है। 

31. प्रत्येक प्रकार के संकट निवारण के लिये भगवान गणेश की मूर्ति पर कम से कम 21 दिन तक थोड़ी-थोड़ी जावित्री चढ़ावें, और रात को सोते समय थोड़ी जावित्री खाकर सोवें। यह प्रयोग 21, 42, 64 या 84 दिनों तक करें।

32. बुधवार के दिन सुबह स्नान अदि करने के बाद समीप स्थित किसी गणेश मंदिर जाएं और भगवान श्रीगणेश को 21 गुड़ की ढेली के साथ दूर्वा रखकर चढ़ाएं। इस उपाय को करने से भगवान श्रीगणेश भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं। ये बहुत ही चमत्कारी उपाय है। 

आगे कुछ ऐसे उपाय है जिनको सच्चे मन से अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में तमाम बाधाओं को दूर करते हुए अपने कार्यों में सफलता प्राप्त कर सकता है । 

नित्य प्रतिदिन घर से बाहर काम पर जाते समय अपनी माँ अथवा पत्नी के हाथ से थोड़ा मीठा दही या कुछ भी मीठा जैसे एक चुटकी चीनी ही खाकर फिर उस दिन के हिसाब से उपाय करके बाहर जायें, आपको सर्वत्र सफलता मिलेगी। 

किसी भी शुभ कार्य में जाने से पहले यदि सप्ताह के सभी दिन यथासंभव निम्न बातों का ध्यान रखें तो, हर प्रकार से उन्नति एवं लाभ की प्राप्ति होती है ।

1. रविवार को पान खाकर या पान का पत्ता साथ रखकर जायें। 

2. सोमवार को दर्पण में अपना चेहरा देखकर बाहर काम पर जाएँ। 

3. मंगलवार को गुड़ या मिष्ठान खाकर घर से बाहर जायें। 

4. बुधवार को हरा / सूखा धनिया खाकर घर से जायें । 

5. गुरूवार को जीरा या सरसों के कुछ दाने मुख में डालकर जायें।

6. शुक्रवार को दही खाकर काम जायें। 

7. शनिवार को अदरक और घी खाकर जाना चाहिये।

टोटके – 11

मेरी पहली पुस्तक “गुरूजी के टोटके”

Dr.R.B.Dhawan

जब मैंने पहली पुस्तक लिखी- “गुरूजी के टोटके” (यह मेरी पहली पुस्तक थी) जो मैंने 2005 में लिखी थी। इस पुस्तक के लिये मैने लेख “छोटे-छोटे कामयाब टोटके इक्ट्ठे करने थे, परंतु इसके लिये मुझे तलाश थी कम से कम 60 से 100 वर्ष पुरानें हिन्दी के पंचांगों की। मुझे पूरा यकीन था एैसे लेख “टोटके” पुराने पंचांगों में बेहतरीन मिल सकते हैं, परंतु इतने पुराने जमाने के पंचांग मिलेंगे कहां ? एक दिन अचानक मुझे एक कबाड़ी के गोदाम की ओर देखने से कुछ बहुत पुराने परंतु जिल्दों में सहेजे हुये पुराने पंचांगों के बहुत सारे अंक मिल गये। बस मन की इच्छा जैसे पूर्ण हो गई, कबाड़ी वाले ने बाद में बताया की एक विद्वान बुजुर्ग ब्राह्मण की मृत्यु के बाद उसकी पूरी लायब्रेरी को वह कबाड़ी खरीद लाया था। बस मेरे लिये तो वह एक खजाना साबित हुआ। एक वर्ष की मेहनत के बाद “गुरूजी के टोटके” 1500 शानदार तथा हर समस्या के लिये एक-से-एक लाजवाब टोटकों से युक्त यह पुस्तक छपकर तैयार थी।
अब इस पुस्तक को शानदार लुक मैं देना चाहता था। अनेक सुंदर जिल्दों में से लाल रंग की जिल्द पर गोल्डन कलर से पुस्तक का नाम लिखवाने के बाद तो जैसे इस पुस्तक को चार चांद लग गये हों। पुस्तक के बाजार मे उतारते ही भारी सफलता मिली। हाथों-हाथ 1000 पुस्तकें बिक गई, खूब ख्याति भी मिली, और उपयोगी ज्योतिषीय विषयों पर पुस्तकें लिखने की प्रेरणा भी मिली, आज 10 वर्ष के बाद ईश्वर कृपा से 10 अन्य पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, पाठकों से बहुत प्यार मिल रहा है। मेरी सभी ज्योतिष और उपाय की पुस्तकें www.shukracharya.com पर उपलब्ध हैं।

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टोटके – 9

Dr.R.B.Dhawan

1. नज़र लगना :-

नज़र लगना होता क्या है, और यह लगती कैसे है ? अक्सर यह प्रश्न हरेक के मन में कभी-न-कभी आता ही है :-

इस प्रश्न के उत्तर के लिये अधिक मेहनत नही करनी पडेगी बस थोड़ा इधर-उधर के उदाहरण देखने पढेंगे। आपने दुआ और बद्दुआ के बारे में तो सुना ही होगा, हो सकता है, इनमें से किसी एक के प्रभाव को भी परखने का मौका मिला हो। जब कोई बेसहारा मजबूर व्यक्ति किसी मुसीबत में अचानक आ फंसता है तो, उसे जानने वाले शुभचिंतक अपने ईश्वर से दुआ मांगते हैं- हे ईश्वर इस वेचारे मजबूर की मदद् करो। इसी प्रकार की दुआ जब बहुत से व्यक्ति या कोई एक-दो लोग सच्चे मन से करते हैं तब उस दुआ का असर अवश्य दिखाई देता है। इसी प्रकार जब किसी के जुल्म बहुत बढ़ जाते हैं तो उसे बद्दुआ ले ढूबती हैं। कोई दुआ या बद्दुआ यदि सच्चे ह्रदय से दी जाती है तो वह बेअसर नहीं जाती। इसी प्रकार जब कोई अपना ही हमारी कामयाबी देखकर ईर्ष्या करता है, और मन-ही-मन बद्दुआ या बुरी कामना एकाग्र होकर करता है, उसका प्रभाव भी तुरंत होता है। जिससे बना-बनाया कार्य बिगढ़ने लगता है, या आगे उसमें बिना कारण रूकावटें पैदा होने लगती हैं या सम्बंधित व्यक्ति सहयोग करना बंद कर देते हैं, इसे कहते हैं- नज़र लगना। दरअसल नज़र लगाना उन व्यक्तियों के द्वारा होता है जिनकी इच्छाशक्ति तो बहुत प्रबल होती है, परंतु वे अपनी इस नेगिटिव (एनर्जी)  या नकारात्मक पावर का दुरूपयोग अधिक करते फिरते हैं। इस प्रकार के नकारात्मक प्रभाव कभी-कभी बहुत दुःखदाई बन जाते हैं। एेसे प्रभाव को देखकर यह तो समझ आ जाता है की यह नज़र लगी है। परन्तु कभी-कभी नज़र हटाने के उपाय करते-करते इंसान थक जाता है, वे दुष्ट बार-बार अपने काले मन से करतूत करता ही चला जाता है। इस नज़र दोष को दूर करने तथा कभी एेसी बुरी नजर का प्रभाव ही न हो, इसके लिये गुरूजी (शुक्राचार्य जी) ने मंत्र सिद्ध रक्षा कवच का निर्माण किया है, यह रक्षाकवच अपने कार्य  में बेजोड़ है, इस कवच को जहां यह समस्या हो वहां रख देने मात्र से यह अपना कार्य बखूबी आरम्भ कर देता है। यदि आप में किसी को इस कवच की आवश्यकता हो तो शुक्राचार्य कार्यालय से सम्पर्क कर सकते हैं।

2. पति की जुआ शराब की आदत छुडायें-

यदि किसी महिला ने पति के जुआ शराब की आदत छुड़ानी हो तो, नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा उपासना करके पति की गंदी आदतों को छुड़ाने की देवी से प्रार्थना करें और एक लवंग माता के चरणों से छुआ लें, यह लौंग भोजन में खिलायें, यह भोजन स्वयं भी खा सकते हैं। यह टोटका नवरात्रों के सभी 9 दिन करना है। 

3. सम्पत्ति में वृद्धि के लिये –

अगर आप समझते हैं कि आपकी पैतृक संपत्ति में वृद्धि नहीं हो रही, बल्कि कटौती हो रही है, तो इस उपाय को करें- किसी भी बृहस्पति वार के दिन बाजार से जलकुम्भी ले आयें। इसे पीले कपड़े में बांधकर घर में कहीं पर लटका दें, (इसको बार-बार छूना नहीं) एक सप्ताह के बाद उसको बदलकर नई कुंम्भी बाध दें। इस टोटके को सात बृहस्पति वार दोहरायें।

4. पति-पत्नी में झगड़ा :-

रात में सोते समय पति अपने सिरहाने एक पुडिया मे थोड़ा सिंदूर रखे, तथा पत्नी कपूर रखे। सुबह उठकर पत्नी कपूर को जला दे, तथा पति सिंदूर घर के किसी कोने में गिरा दे, यह टोटका घर में लडाई-झगड़ा समाप्त करता है, और सुख-शान्ति रहती है।

5. जिद्दी बच्चा जब कहना न मानता हो-

घर में बच्चा जब कहना न मानता हो, और बहुत जिद्दी हो गया हो तब दुकान से 100 ग्राम खस-खस ले आवें, उस खस-खस को 24 दिन तक गायत्री मंत्र से नित्य एक माला जप करके अभिमंत्रित कर लें या किसी विद्वान से करवा लें, अब वह खस-खस 24 दिन तक सब्जी में छोंक कर उसे खिलायें। यह सब्जी घर के सभी लोग भी खा सकते हैं, इस प्रयोग से बालक का जिद्दीपन धीरे-धीरे ठीक होने लगेगा। कभी-कभी यह प्रयोग दो बार भी करना पड़ता है, अतः एक बार में पूरा असर न होने पर यह प्रयोग दोहरा लें।     

 – – – गुरूजी के टोटके, पृष्ठ 162 – – –

गुरूजी के टोटके, गुरूजी की इस पुस्तक में लगभग 1500 टोटके दिये गये हैं। इस के अतिरिक्त गुरूजी की 10 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं —

  1. गुरूजी के टोटके
  2. गुरूजी की साधनाएँ
  3. वास्तु सूत्र
  4. कैसे बदलें भाग्य
  5. दुर्लभ समृद्धि प्रदायक वस्तुयें
  6. लाल किताब योग एवं उपाय
  7. भृगु संहिता
  8. ज्योतिष के योग एवं फलादेश
  9. रोग एवं ज्योतिष
  10. विवाह एवं दाम्पत्य सुख

यह सभी पुस्तकें www.shukracharya.com से आनलाईन मंगवा सकते हैं-

टोटके – 10

कपूर के टोटके, (गुरूजी के टोटके) :-

Dr.R.B.Dhawan

कर्पूर या क कैंफर मोम की तरह दिखाई देने वाला एक उड़नशील पदार्थ है, यह वानस्पतिक द्रव्य है। इसे अक्सर आरती के बाद या आरती करते समय जलाया जाता है, जिससे वातावरण में सुगंध फैल जाती है, और मन  मस्तिष्क को शांति मिलती है। कपूर को संस्कृत में कर्पूर, फारसी में काफूर और अंग्रेजी में कैंफर कहते हैं। सनातन संस्कृति और किसी भी देवी देवता की पूजा और साधना की लगभग हर पूजा में इसका प्रयोग किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में भी इसके महत्व और उपयोग के बारे में बताया गया है। कर्पूर के कई औषधीय प्रयोग तथा कई फायदे भी हैं। हम आपको बताएंगे कि कर्पूर या कपूर से आप कैसे संकट मुक्त होकर मालामाल बन सकते हैं, और कैसे आप अपने कार्यस्थल व घर को बाधा मुक्त रख सकते हैं :-


पुण्य प्राप्ति हेतु :
कर्पूर जलाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। शास्त्रों के अनुसार देवी-देवताओं के समक्ष कर्पूर जलाने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। अत: प्रतिदिन सुबह और शाम घर में संध्यावंदन के समय कर्पूर (कपूर) जरूर जलाएं।


पितृदोष और कालसर्प दोष से मुक्ति हेतु :
कर्पूर जलाने से देवदोष व पितृदोष का शमन होता है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि हमें शायद पितृदोष है, या काल सर्पदोष है। दरअसल, यह राहु और केतु का प्रभाव मात्र है। इसको दूर करने के लिए घर के वास्तु को ठीक करें। यदि ऐसा नहीं कर सकते हैं तो प्रतिदिन सुबह, शाम और रात्रि को तीन बार घी में भिगोया हुआ कर्पूर जलाएं। घर के शौचालय और बाथरूप में कर्पूर की 2-2 टिकियां रख दें। बस इतना उपाय ही काफी है।


आकस्मिक घटना या दुर्घटना से बचाव :
आकस्मिक घटना या दुर्घटना का कारण राहु, केतु और शनि होते हैं। इसके अलावा हमारी तंद्रा और क्रोध भी दुर्घटना का कारण बनते हैं। इसके लिए रात्रि में हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद कर्पूर अवश्य जलाएं। हालांकि प्रतिदिन सुबह और शाम जिस घर में कर्पूर जलता रहता है उस घर में किसी भी प्रकार की आकस्मिक घटना और दुर्घटना नहीं होती। रात्रि में सोने से पूर्व कर्पूर जलाकर सोना तो और भी लाभदायक है।


सकारात्मक उर्जा और शां‍ति के लिए :
घर में यदि सकारात्मक उर्जा और शांति का निर्माण करना है तो, प्रतिदिन सुबह और शाम कर्पूर को घी में भिगोकर जलाएं और संपूर्ण घर में उसकी खुशबू फैलाएं। ऐसा करने से घर की नकारात्मक उर्जा नष्ट हो जाएगी। दु:स्वप्न नहीं आएंगे और घर में अमन शांति बनी रहेगी। वैज्ञानिक शोधों से यह भी ज्ञात हुआ है कि इसकी सुगंध से जीवाणु,विषाणु आदि बीमारी फैलाने वाले जीव नष्ट हो जाते हैं, जिससे वातावरण शुद्ध हो जाता है, तथा बीमारी होने का भय भी नहीं रहता।


अचानक धन प्राप्ति का उपाय:
गुलाब के फूल में कपूर का टुकड़ा रखें। शाम के समय फूल में एक कपूर जला दें, और फूल को देवी दुर्गा को चढ़ा दें। इससे आपको अचानक धन मिल सकता है। यह कार्य आप कभी भी शुरू करके कम से कम 43 दिन तक करेंगे तो लाभ मिलेगा। यह कार्य नवरात्रि के दौरान करेंगे तो और भी अधिक लाभदायक होगा।


वास्तु दोष मिटाने के लिए :
यदि घर के किसी स्थान पर वास्तु दोष है तो, वहां कर्पूर की 2 टिकियां रख दें। जब वह टिकियां गलकर समाप्त हो जाए तब दूसरी दो टिकिया रख दें। इस तरह बदलते रहेंगे तो वास्तुदोष का प्रभाव नहीं होगा।

भाग्य चमकाने के लिए : पानी में कर्पूर के तेल की कुछ बूंदों को डालकर नहाएं। यह आपको तरोताजा तो रखेगा ही, साथ ही आपके भाग्य को भी चमकाएगा। यदि इस में कुछ बूंदें चमेली के तेल की भी डाल लेंगे तो इससे राहु, केतु और शनि का दोष नहीं रहेगा, लेकिन ऐसे केवल शनिवार को ही करें।

पति-पत्नी के बीच तनाव को दूर करने हेतु : रात को सोते समय पत्नी अपने पति के तकिये में सिंदूर की एक पुड़िया और पति अपनी पत्नी के तकिये में कपूर की 2 टिकियां रख दें। प्रातः होते ही सिंदूर की पुड़िया घर से बाहर कही उचित स्थान पर फेंक दें, तथा कपूर को निकाल कर शयन कक्ष में जला दें। यदि ऐसा नहीं करना चाहते हैं तो, प्रतिदिन शयनकक्ष में कर्पूर जलाएं और कर्पूर की 2 टिकियां शयनकक्ष के किसी कोने में रख दें। जब वह टिकियां गलकर समाप्त हो जाए तो दूसरी रख दें।


धनवान बनने के लिए :
रात्रि काल के समय रसोई समेटने के बाद चांदी की कटोरी में लौंग तथा कपूर जला दिया करें। यह कार्य नित्य प्रतिदिन करेंगे तो धन-धान्य से आपका घर भरा रहेगा। धन की कभी कमी नहीं होगी।


विवाह बाधा निवारण हेतु :
विवाह में आ रही बाधा को दूर करना चाहते हैं तो, यह उपाय बहुत ही कारगर है। 36 लौंग और 6 कपूर के टुकड़े लें, इसमें हल्दी और चावल मिलाकर इससे मां दुर्गा को आहुति दें।

विवाह बाधा निवारण

अपने बच्चों के विवाह के लिए चिंतित अभिभावक यह उपाय करें, अवश्य लाभ होगा :-

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उपाय : – शुक्ल पक्ष के किसी मंगलवार 11 पीपल के पत्ते लें डंडी वाले ओर उन पर सिंदूर से राम नाम लिखें, अनार की टेहनी से कलम बनाके सिंदूर में गंगा जल मिला कर “राम-राम” लिखना है, फ़िर इन पत्तो की डंडी में कलावे की सहायता से इन 11 पत्तों की माला बनालें ओर इसे हनुमान जी पे चढाकर आयें, ये 11 मंगल वार लगातार करना है, 11 मंगलवार से पहले ही आपका कार्य सम्पन्न हो जायेगा।
नोट – कन्या इसे मन्दीर के पंडित से ही चढवायें उनसे बोलें की ये मेरी और से, जब पंडित चढा दे तब आप हनुमान जी से दूर से ही अपने विवाह की प्रार्थना करें। 

टोटके -5

शयनकक्ष में दर्पण न लगायें-

यदि आपके सामने, शयनकक्ष में दर्पण लगा है? तो, उसे तुरंत हटायें, यह दाम्पत्य जीवन को दुःखदाई बना सकता है। सोते समय आपकी छवि दर्पण में नजर आती है तो, आपके दाम्पत्य जीवन में बाधायें आ सकती हैं, जैसे कोई तीसरा आपके वैवाहिक जीवन में झांक रहा है। पति-पत्नी के झगड़े बढ़ सकते हैं, यदि दर्पण रखना जरूरी हो तो, रात्रि में कपडे से ढक दिया करें, टी. वी. भी दर्पण जैसा ही है, शयन कक्ष में है तो इसे भी ढक दिया करें।
           गुरूजी के टोटके, पृष्ठ संख्या- 181
पुस्तक का मूल्य 300/—
प्राप्ति स्थान- www.shukracharya.com

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टोटके -3

काले तिल के 6 टोटके, दुर्भाग्य को दूर भगायें :-

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परेशानियां और दुर्भाग्य को दूर करने के लिए ज्योतिष-शास्त्र में कई टोटके बताए गए हैं। ये टोटके (उपाय) अलग-अलग चीजों से किए जाते हैं, इनसे कुंडली के ग्रह दोषों की शांति होती है। यहां जानिए काले तिल के 6 उपाय :-

1. उपाय :- हर रोज एक लोटे में शुद्ध जल भरें और उसमें काले तिल डाल दें। अब इस जल को शिवलिंग पर ॐ नम: शिवाय मंत्र जप करते हुए चढ़ाएं। जल पतली धार से चढ़ाएं और मंत्र का जप करते रहें। जल चढ़ाने के बाद फूल और बिल्व पत्र चढ़ाएं। इस उपाय से शुभ फल प्राप्त होने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

2. उपाय :- कुंडली में शनि के दोष हों या शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो तो, किसी पवित्र नदी में हर शनिवार काले तिल प्रवाहित करना चाहिए। इस उपाय से शनि के दोषों की शांति होती है।

3. उपाय :- दूध में काले तिल मिलाकर पीपल पर चढ़ाएं। इससे बुरा समय दूर हो सकता है। यह उपाय हर शनिवार को करना चाहिए।

4. उपाय :- काले तिल का दान करें। इससे राहु-केतु और शनि के बुरे प्रभाव समाप्त हो जाते हैं। कालसर्प योग, साढ़ेसाती, ढय्या, पितृ दोष आदि में भी यह उपाय किया जा सकता है।

5. उपाय :- हर शनिवार काले तिल, काली उड़द को काले कपड़े में बांधकर किसी गरीब व्यक्ति को दान करें। इस उपाय से पैसों से जुड़ी समस्या दूर हो सकती है।

6. उपाय :- हर रोज शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें। इससे शनि के दोष शांत होते हैं। पुराने समय से चली आ रही बीमारियां भी दूर हो सकती हैं।

मेरे और लेख देखें :- aapkabhavishya.in और astroguruji.in पर।

टोटके -2

काले घोड़े की नाल के कितने फायदे :-

Dr.R.B.Dhawan

काले घोड़े की नाल, केवल काले घोड़े की नाल नहीं है। काले घोड़े की नाल का असली फायदा तभी होगा जब वह नाल काले घोड़े के दाहिने पाँव की नाल होगी। काले घोड़े के दाहिने पैर की नाल को बहुत शुभ माना जाता है। आज के समय में हजारों लोगों को यह जानने की इच्छा होती है की, घोड़े की नाल से उन्हें क्या क्या फायदे और लाभ मिल सकते है। घोड़े की नाल से हमें अनेक लाभ हो सकते हैं, जिस प्रकार छोटे बच्चों को बुरी नज़र से बचाने के लिए उनके माँ-बाप, दादा-दादी उन्हें काला टिक्का लगाते हैं, ठीक उसी तरह मकान, दुकान, प्रॉपर्टी और व्यापार आदि को लोगों की बुरी नज़र से बचाने के लिए काले घोड़े की नाल को विशेष रूप देकर उपयोग में लाया जाता है|

ज्योतिष के अनुसार शनि ग्रह की शांति के लिए घर के मुख्यद्वार पर काले घोड़े की नाल लगाने से घर पर किसी की बुरी नज़र नहीं लगती, और बरकत बनी रहती है, क्योंकि काले घोड़े के पैरों पर शनि ग्रह की विशेष कृपा होती है, लेकिन एक बात का ध्यान रखें कि काले घोड़े की वही नाल फायदेमंद होती है जो काफी घिस चुकी हो अर्थात बहुत चल चुकी हो, क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि, शनि देव को मेहनत करने वालों से ख़ुशी मिलती है, तभी उनका प्रभाव उस नाल पर होता है जो ज्यादा चल चुकी हो।

आइए जानते हैं, घोड़े की नाल को प्रयोग में लाने से हमें क्या लाभ हो सकते हैं,
विद्वानों द्वारा बताया गया है कि, अगर आप काले घोड़े की नाल की अंगूठी बनवाकर उसे पहनेंगे तो, आपके ऊपर चल रही शनि की दशा से मुक्ति हो सकती है, जो कि किसी भी पूजा पाठ, हवन, यज्ञ या मंत्र से नहीं मिलती।

वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो घोड़े की नाल की अंगूठी धारण करने से हमारे शरीर में खून का संचार बेहतर होगा, क्योंकि शनिदेव की साढ़ेसाती के समय रक्त में होम्योग्लोबिन की कमी अवश्य हो जाती है, धोड़े की नाल से बनी अंगूठी बीच वाली अंगुली में धारण करने से शनि ग्रह की शांति तो होगी ही साथ ही शरीर में आयरन की कमी भी दूर होगी। मानसिक तनाव, डिप्रेशन एवं मन के डर को दूर करने में भी यह अंगूठी बहुत लाभदायक सिद्ध होती है, इस वजह से व्यक्ति को अच्छी और गहरी नींद आती है।

यदि आपके घर में या दुकान में तिजोरी है, और आपको चोरी का डर लगा रहता है तो, आपको बस इस नाल को अपनी तिजोरी में रख देना है, इससे आपके धन की सुरक्षा तो होगी ही और साथ ही समृद्धि होकर किसी प्रकार की आर्थिक हानि होने  का डर भी नहीं रहेगा।

घर में क्लेश रहता हो, आर्थिक उन्नति नहीं हो रही हो या किसी ने तंत्र क्रिया की हो तो घर के मुख्य द्वार पर काले घोड़े की नाल को अंग्रेजी के ‘यू’ अक्षर के आकार में लगा दें। कुछ ही दिनों में नाल के प्रभाव से सब कुछ ठीक हो जाएगा।

काले घोड़े की नाल वाला प्रयोग उन विद्यार्थियों के लिए लाभदायक है, जिनका पढ़ाई में मन नहीं लगता, या जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हों, नाल के उपयोग से विद्यार्थियों का आत्म-विश्वास भी बढ़ता है, और वे मन लगा कर पढ़ते हैं और सफलता प्राप्त करते है।

अनाज की कमी को दूर करने के लिए आप इस नाल को घर में स्थापित कर सकते हैं, ऐसा करने से घर में सम्पूर्णता और खुशहाली बनी रहेगी, विद्वान लोग कहते हैं की जो लोग भूत प्रेत और आत्माओं में विश्वास रखते है तो, वे लोग नाल का कड़ा बनवाकर उसे धारण करें, और प्रेत आत्माओं के प्रभाव से मुक्ति मिलती है।

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टोटके-1

धन लाभ और खुशहाली के टोटके –

Dr.R.B.Dhawan

— विशेष इच्छाओं की पूर्ति के लिए चैदहमुखी रुद्राक्ष स्वर्ण में जड़वाकर मंगलवार को सुबह के समय किसी शुद्ध पात्र में लाल पुष्पों के आसन पर स्थापित करके दूध, दह घी, मधु, शक्कर से बारी-बारी से गंगा जल या शुद्ध ताजे जल से स्नान कराकर धूप, दीप से पूजन करके सोने की चेन या लाल धागे में गले में धारण करें तथा निम्न मंत्र 42 दिन तक एक माला नित्य जप करें। मंत्र ॐ ह्रीं नमः मम गृहे धनागमनम कुरु कुरु स्वाहा।

— स्थिर लक्ष्मी तथा यश प्राप्ति के लिए संपूर्ण श्री यंत्र को अपने घर में गंध, अक्षत, धूप, दीप से पूजन करके घर की उत्तर दिशा में स्थापित करें, तथा यंत्र के सम्मुख बैठकर निम्न मंत्र का 49 दिन तक एक माला नित्य जप करें। यह प्रयोग शुक्रवार सर्वार्थ सिद्धि योग गुरु पुष्य योग में प्रारंभ करने से निश्चित रूप से सुख-समृद्धि का लाभ होता है। मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।

— अक्सर सुनने में आता है कि घर में कमा तो बहुत लोग रहे हैं, मगर पैसा टिकता नहीं। ऐसी स्थिति में यह प्रयोग करें- जब आप गेहूं पिसवाने जाएं, उसमें पहले तुलसी के ग्यारह और केसर के दो पत्ते डाल कर थोड़े से गेहूं को मंदिर में रात को रख दें। सुबह उस गेहूं को सारे गेहूं में मिला दें तथा पिसवा लें, घर में सुख-समृद्धि होगी।

— शनिवार शाम को माह की दाल के कुछ साबुत दानें ले कर उस पर दही (थोड़ा सा डाल कर सिंदूर डाल दें तथा पीपल के नीचे रख दें। उसे पलट कर न देखें। इस क्रिया को सात शनिवार लगातार करें, धन लाभ होगा तथा घर में खुशहाली और सुख-समृद्धि रहेगी।

— लाख प्रयत्न करने पर भी यदि स्वयं का मकान या दुकान न बन रही हो, तो यह उपाय शुक्रवार से शुरू करें। शुक्रवार को किसी गरीब को खाना खिलाना शुरू करें तथा रविवार को गाय को गुड़ खिलाएं यह उपाय लगातार करते रहें, जल्दी ही अचल संपत्ति बढ़ जाएगी।

— यदि आप आय का एक स्थायी स्रोत चाहते हैं, और प्रयत्न करने पर भी किन्हीं कारणों से स्थायी स्रोत नहीं मिल पाता और परेशान रहते हैं तो, निम्न टोटके से इसे संभावित कर सकते हैं :- लकड़ी के बाजोट पर पीला रेशमी वस्त्र बिछा कर पांच लाल फूलों को स्थापित करें। प्रत्येक फूल पर एक कमल बीज को स्थापित करें। इनका धूप, दीप, नैवेद्य से संक्षिप्त पूजन करें। एक पीले कागज पर कुमकुम से ॐ नम: शिवाय श्रीं ॐ मंत्र इक्कीस बार लिख लें। उसी कागज में कमल बीज तथा फूलों को लपेट कर शुक्ल पक्ष के बुधवार को रात्रि के समय किसी तिराहे पर डाल दें। पीछे न देखें, न आपको कोई टोके, मन में स्थायी स्रोत की प्रार्थन करें, इस प्रयोग से सदा सुख-समृद्धि रहेगी।

— आर्थिक संपन्नता प्राप्ति हेतु कागज या भोजपत्र, तांबे, चांदी, सोने या स्फटि पर बने श्री यंत्र का उपयोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार करें। दीपावली की रात को इसका विशेष महत्व है। स्नान आदि से निवृत्त हो कर, स्थानादि की शुद्धि कर के पूर्वाभिमुख हो कर, ऊनी आसन पर बैठें, अपने सामने श्री यंत्र स्थापित कर जल, पंचामृत, रोली, चावल और पुष्प से उसका विधिवत पूजन करें तथा माता महालक्ष्मी का ध्यान करते हुए ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्। मंत्र का जप तथा श्री सूक्त का पाठ दीपावली की रात करें। उसके बाद यथाशक्ति उपर्युक्त मंत्र जप नियमित करते रहने चाहिए। श्री यंत्र को घर में तथा व्यावसायिक स्थान पर पूजा स्थल पर स्थापित कर दें, हमेशा सुख-समृद्धि रहेगी।

— स्फटिक श्री यंत्र अति प्रभावशाली होता है, तथा इस पर मात्र एक गुलाब का फूल नियमित चढ़ाने से ही लक्ष्मी की प्रसन्नता का अनुभव साधक को होने लगता है।

— पीपल के वृक्ष की छाया में खड़े रहकर लोहे के बरतन में जल, चीनी, घी एवं दूध मिला कर उसकी जड़ में डालने से घर में बहुत समय तक सुख-समृद्धि रहती है, और लक्ष्मी का वास होता है।

–- लाल रंग का रिबन, तांबे के सिक्के साथ, मुख्य द्वार में बांधने से घर में सुख-शांति और सुख-समृद्धि, धन की वृद्धि होती है।

— सर्वप्रथम घर के मुख्य द्वार पर बैठे हुए गणपति की दो मूर्तियां इस प्रकार लगायें कि दोनों की पीठ एक दूसरे से सट जाएं इससे घर में ऋद्धि-सिद्धि का वास होगा।

— घर में वास्तु दोष हो तो बरकत नहीं होती। बीमारी, लड़ाई-झगड़े आदि में धन का नाश होता है। इससे बचने के लिए ढक्कन समेत चांदी की एक लुटिया लें। इसमें गंगाजल डालकर उसकी गर्दन पर कलावे से मूंगा (छेद वाला) पिरोकर बांध दें। फिर ढक्कन लगा दें और इसे घर की उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करें, हमेशा सुख-समृद्धि रहेगी।

— स्फटिक का कछुआ उत्तर दिशा में इस प्रकार रखें कि उसका मुंह घर के अंदर की ओर हो। गल्ले और तिजोरी में भी स्फटिक का कछुआ, सोने-चांदी के सिक्के और चावल रखने से लक्ष्मी आती है।

— सत्यनारायण की पूजा, व्रत और पाठ करवाएं। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का पाठ करें, लक्ष्मी का स्थायी निवास होगा।

— कर्ज से मुक्ति और धन वापसी के लिए शुद्ध ताम्रपत्र पर बने कनकधारा यंत्र को मंगलवार को लाल कपड़े के ऊपर घर के पूजा स्थल पर पंचोपचार पूजा करके स्थापित करें तथा 21 अथवा 51 दिन तक यंत्र के सम्मुख दीपक जलाकर कनकधारा स्तोत्र का नित्य पाठ करें। इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है, एवं दिया हुआ धन भी वापस जाता है।

— लाल रंग का चैकोर कपड़ा लें। उसे देवी जी के चित्र/मूर्ति के सामने चौकी (पाट पर बिछा लें, उसमें लाल चंदन का टुकड़ा, लाल गुलाब के साबुत पुष्प, रोली तथा सिक्के (चवन्नी, अठन्नी, रुपया, दो रुपये पांच रुपये के सिक्के, परंतु सभी समान मात्रा के) रखें। फिर कपड़े में सारा सामान लपेट कर उसकी पोटली बना कर अपने गल्ले अथवा अलमारी या संदूक, जो भी आपके हिसाब से उपयुक्त स्थान हो, में रख दें। 6 माह बाद पुनः नवरात्रि की अष्टमी इस प्रक्रिया को दोहराएं।

— प्रतिदिन सूर्यदेव को जल का अर्घ्य जल में लाल मिर्च के ग्यारह बीज डाल अर्पण करें। साथ ही ॐ आदित्याय नमः कहते रहें तथा रुके हुए धन की प्राप्ति हेतु प्रार्थना करें। शयनकक्ष में घर के पश्चिम रखें। तीन रत्ती का ओनेक्स चांदी की अंगूठी में जड़वा कर शुभ मुहूर्त में कनिष्ठिका अंगुली में बुधवार को धारण करें।

— यदि निरंतर कर्ज में उलझते जा रहे हों, श्मशान के कुएं का जल ला कर किसी पीपल के वृक्ष पर चढ़ाएं। यह टोटका नियमित रूप से यदि 6 शनिवार को किया जाए, तो आश्चर्यजनक परिणाम प्राप्त होते हैं। यह प्रयोग किसी शुभ मुहूर्त में करना चाहिए। होली और दीपावली पर भी धन से संबंधित टोटके के लिए सिद्ध मुहूर्त होता है।

–- सोते समय पूर्व की तरफ सिरहाना रखा करें। 3 ( रत्ती की चंद्रमणि तथा 3 रत्ती वजन का कटैला चांदी में जड़वा क्रमशः अनामिका और बीच की उंगलियों में धारण करें। ऐसा शुक्ल पक्ष सोमवार तथा शनिवार को करें, सदा सुख-समृद्धि रहेगी।

— विशेष उपाय: गेहूं पिसवाते हों, तो हमेश गुरुवार या मंगलवार को ही चुनें। यदि पिसा-पिसाया आटा लाते हों, तो भी उपर्युक्त दिवस को ही लाएं, अत्यंत लाभ होगा। साथ ही थोड़ा सा आटा एवं शक्कर मिला कर घर के चारों कोनों में डाल दें। इसके लिए श्रद्धा का होना आवश्यक है। यदि कोई व्यक्ति धन नहीं लौटा रहा हो, तो कर्पूर के धूंयें से बने काजल से उसका नाम भोज पत्र पर लिख कर किसी भारी वस्तु के नीचे दबा कर रखना चाहिए। इस टोटके के फलस्वरूप वह व्यक्ति अपने आप ही पैसा लौटा देगा। यह प्रयोग शुक्ल पक्ष के किसी सिद्ध मुहूर्त में करें।

— जिन लोगों को निरंतर कर्ज घेरे रहते उन्हें प्रतिदिन ऋणमोचक मंगल स्तोत्र पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से उन्हें ऋण से मुक्ति प्राप्त होगी। इससे हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और, अपने वचनानुसार, शनि देव हनुमान जी की शरण में गए हुए व्यक्तियों को पीड़ित नहीं करते। यह शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार से शुरू करना चाहिए। यदि प्रतिदिन किसी कारण कर सकें, तो प्रत्येक मंगलवार को अवश्य करें।

–- दोनों मुट्ठियों में काली राई लें, चौराहे पर पूर्व दिशा की ओर मुंह रखें तथा दाहिने हाथ की राई को बायीं और बांयी हाथ की राई को दाहिनी दिशा में फेंक दें। राई को एक साथ फेंकना चाहिए। राई फेंकने के पश्चात चौराहे पर सरसों के तेल का दोमुखी दीपक जला देना चाहिए। दीया मिट्टी का होना चाहिए। यह प्रयोग शुक्ल पक्ष के प्रथम शनिवार को संध्या समय करें। श्रद्धा से किया गया यह उपाय कर्ज से मुक्ति अवश्य दिलाता है। एक बार सफलता प्राप्त न हो, तो फिर करना चाहिए। जिस चैराहे पर टोटका किया जा चुका हो, उस पर उस दिन टोटका न करना चाहिए। यदि अमावस्या हो और शनिवार हो, तो यह इस टोटके से सुख-समृद्धि विशेष होती है।

— लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति मंदिर में रखें। गंगा जल में लक्ष्मी गणेश का चित्र और चांदी का एक सिक्का डाल दें। शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार से प्रयोग शुरू करें। धूप-दीप जला लें। खीर का भोग रखें। एक माला ॐ श्री गणपतये नमः का जप करें। इसके अतिरिक्त कनकधारा स्तोत्र का पाठ भी प्रतिदिन करें। धीरे-धीरे स्थिति अनुकूल होती जाएगी और एक दिन कर्ज मुक्ति प्राप्त होगी। भगवान से दीन हो कर प्रार्थना करें कि कर्ज से मुक्ति मिल जाए। श्रद्धा आवश्यक है।

— शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार को नहाधोकर प्रातः शिवालय जाएं और शिव लिंग पर मसूर की दाल (लाल दाल) निम्न मंत्र जपते हुए चढ़ाएं: मंत्र: ॐ ऋण मुक्तेश्वराय महादेवाय नमः ऐसा प्रत्येक मंगलवार को करें। धीरे-धीरे सारा ऋण उतर जाएगा, सुख-समृद्धि रहेगी। जप के पश्चात प्रार्थना अवश्य करें।

— कार्तिक पूर्णिमा के दिन प्रातः स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें। लकड़ी चैकी पर लाल रेशमी वस्त्र बिछा कर दक्षिणावर्ती शंख स्थापित करें। कुंकुम से शंख पर स्वस्तिक का चिह्न अंकित कर अब दायें हाथ से अक्षत का एक-एक दाना शंख पर अर्पित करते जाएं। प्रत्येक अक्षत के साथ निम्न मंत्र का उच्चारण करते रहें। 1 घंटे तक इस मंत्र का जप करें और एक-एक अक्षत को शंख में अर्पित करते रहें। इस प्रयोग में दिन की कोई निर्धारित अवधि नहीं होती। जब तक मंत्रपूरित अक्षत से भर न जाए, तब तक इस प्रयोग को करते रहें जिस दिन शंख पूरा भर जाए, उस दिन मंत्र का प्रयोग बंद कर दें। चावल के दानों के साथ शंख को उसी रेशमी लाल वस्त्र में बांध कर अपने घर में पूजा स्थान, या व्यापारिक स्थान पर स्थापित कर मंत्र इस प्रकार है: ॐ श्रीं ह्रीं दारिद्र्य विनाशिनी धनधान्य समृद्धिं देहि दक्षणवर्त शंखाय नमः। यह शंख बहुत सौभाग्यशाली होता है, यह जब तक जहां रहेगा, जीवन में निरंतर आर्थिक उन्नति होती रहेगी। यदि किसी पर कोई ऋण है, तो श्रद्धापूर्वक यह प्रयोग करने पर ऋण निश्चय ही, उतर जाता है।

–- आप ने जिसे पैसा दिया हो वह वापिस करने में आनाकानी करे तो श्रद्धा से यह उपाय करें। चांदी के गिलास में पानी पीएं। पीने के बाद गिलास उलटा रख दें। किसी भी कुत्ते को पंद्रह दिन लगाता दूध पीने को दें। उन्हीं पंद्रह दिनों में किसी मंदिर में दूध दान दें। साथ ही प्रार्थना करें कि गया पैसा लौट आए।


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