टोटके – 12

सर्वत्र सफलता, यश एवं कीर्ति के लिये खास टोटके :-

Dr.R.B.Dhawan

1. जीवन में मनवांछित सफलता प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से अपने माता-पिता और बड़े बुजर्गो का आशीर्वाद लें कर ही अपने दिन की शुरुआत करें, और तभी घर से कहीं बाहर जाएँ, याद रखिये उनका कभी भी किसी भी दशा में दिल न दुखायें । 

2. स्त्रियों को देवी का स्वरुप माना गया है, घर की स्त्रियों (एवं किसी भी स्त्री को) पूर्ण सम्मान दें, शास्त्रों में भी लिखा है जिस घर में स्त्रियाँ प्रसन्न रहती हैं, वहां पर सौभाग्य स्वयं खिंचा चला आता है । 

3. जीवन में स्थाई सुख और सफलता तभी प्राप्त होती है जब हमारे कर्म शुभ होते हैं, क्रोधी, लालची, अभिमानी, शक्ति का दुरूपयोग करने वाला,गलत तरीके से धन संग्रह करने वाले को यदि धन, शक्ति और सत्ता का आस्थाई सुख मिलता भी है तो, उसको पारिवारिक जीवन का सुख नहीं मिलता है, उसका बुडापा कष्टमय बीतता है, क्रोधी, लालची, अभिमानी, जीवन में निरंतर अस्थिरता बनी रहती है, उसके परिवार में कोई न कोई रोग बना ही रहता है, इसलिए हम सभी को अपने कर्म अवश्य ही अच्छे करने चाहिए । 

4. यदि जीवन में लगातार कार्यों में बाधाएं आती हैं तो, किसी भी दिन किसी मंदिर में अनाज के दाने चड़ाकर सच्चे मन से अपनी मनोकामना को कहिये, काम अवश्य ही निर्विघ्न रूप से पूर्ण और सफल होगा ।

5. सुबह उठते ही सर्वप्रथम अपने दोनों हाथों की हथेलियों को जोड़कर गौर से देखें, फिर उसे 3 बार चूम कर अपने चेहरे पर फिराएं, उसके बाद अपने इष्टदेव को मन ही मन में प्रणाम करते हुए अपना दाहिना पावँ जमीन पर रखें, तत्पश्चात अपने माता-पिता के चरण छू कर उनसे आशीर्वाद लें, उनका अभिवादन करें, तभी कुछ और बोलें । यह दिन की शुरुआत बहुत ही चमत्कारी मानी जाती है, इससे आप निश्चित ही पूरे दिन उत्साह और प्रसन्नता का अनुभव करेंगे । 

6. प्रतिदिन प्रातः काल कुल्ला करके सर्वप्रथम थोडा शहद चख लें, तत्पश्चात नियमित रूप से सुबह नहाने के बाद सूर्य देवता को ताम्बें के बर्तन में गुड़ / चीनी, फूल मिश्रित जल से अर्ध्य दिया करें, इससे जीवन में समस्त बाधाएँ दूर होती हैं, एवं मान-सम्मान, ऐश्वर्य और सफलता की प्राप्ति होती है । 

7. मंगलवार के दिन मिट्टी के एक बर्तन में शुद्ध शहद भरकर किसी एकांत स्थान में चुपचाप रख आईये, कार्य निर्विघ्न रूप से बनने लगेंगे, ऐसा करने से पहले या बाद में इसे किसी को भी न बताएं । 

8. यदि गृह स्वामी अपने भोजन से गाय, चिड़िया और कुत्ता के लिए कुछ अंश निकालकर उन्हें नियमित रूप से खिला दें तो, उसके घर में सदैव सुख और सौभाग्य का वास बना रहता है । 

9. रविवार को छोड़कर रोजाना सुबह स्नान के बाद पीपल के पेड़ में सादा जल और शनिवार के दिन दूध, गुड / शक्कर, मिश्रित जल चड़ाकर और संध्या के समय धूप / कडवे तेल का दीपक अर्पित करके अपनी मनोकामना कहिये, हर कार्यों में शीघ्र ही सफलता मिलनी लगेगी। 

10. एक बिलकुल नया लाल सूती वस्त्र लेकर उसमें जटायुक्त नारियल बांधकर प्रभु का स्मरण करते हुए उस नारियल से अपनी मनोकामना 7 बार कहें, फिर उसे बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें, कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होने लगेंगी।

11. दाहिने हाथ में काला धागा और दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में सोने की अंगूठी धारण करें, इससे कार्य आसानी से बनेगें । 

12. यदि आपका कोई शत्रु है, जो आपके कार्यों में रूकावट डालता है, आपको हानि पहुंचाता सकता है तो, मंगलवार के दिन एक नए लाल कपडे में 900 ग्राम लाल मसूर की दाल, सवा किलो गुड, एक कोई भी ताम्बें का बर्तन, चमेली के तेल की शीशी और 11 रुपये बांधकर उसे पहले हनुमान जी के चरणों से लगाकर अपनी सफलता के लिए प्रार्थना करें, फिर किसी भी गरीब जरुरतमंद को दान दें दें ….। ऐसा 3 मंगलवार तक अवश्य करें, और उस दिन किसी पर भी क्रोध न करें, शत्रु शांत होने लगेंगे । 

13. आर्थिक रुकावटें दूर करने के लिए धनतेरस से दीपावली तक लगातार तीन दिन संध्या के समय शुद्ध घी का दीपक जलाकर गणेश जी को लड्डू अर्पित करने और गणेश स्त्रोत्र का पाठ करने से सभी आर्थिक कार्य बनने लगते हैं ।

14. रात को सोते समय अपने सिरहाने में एक ताम्बे के बर्तन में जल भरकर उसमें शहद मिलकर कोई भी सोने / चाँदी की अंगूठी अथवा सिक्का रखकर उस बर्तन को बंद कर दें, और सुबह अपने इष्ट देव एवं अपने माता – पिता को प्रणाम करने के बाद सर्वप्रथम निहार मुंह उसी जल को पियें, सभी कार्यों में आसानी से सफलता मिलने लगेगी । 

15. अपने घर की छत को हमेशा साफ करवाते रहे, पानी की टंकी दक्षिण, नैत्रतय कोण, दक्षिण या पश्चिम में ही रखवाएं और कोई भी भारी सामान इन्ही क्षेत्रों में रखें, याद रहे वावय्व कोण, उत्तर, पूर्व और ईशान कोण हमेशा खाली या हल्का रहना चाहिए । 

16. यदि गोमती चक्र को लकड़ी की डिब्बी में पीले सिंदूर के साथ रख दिया जाय तो, व्यक्ति के कार्यों में बाधाएं खत्म होने लगती हैं, उस व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होनी शुरू हो जाती है ।

17. व्यापार या किसी भी खास काम में जाने से पहले 21/- रुपये किसी गुप्त जगह में ईश्वर का नाम लेते हुए रखकर चले जाएँ, आपको सफलता मिलने की पूरी सम्भावना बनेगी ..। वापस आकर इन रुपये को बिना किसी को बताए हुए किसी गरीब को दान में दे दें । 

18. घर से बाहर जाते हुए सबसे पहले विपरीत दिशा में चार पग जायें उसके पश्चात पलट कर अपने कार्य में चले जाये कार्यों में सफलता मिलेगी। 

19. रविवार को छोड़कर प्रतिदिन 2-3 तुसली के पत्ते ग्रहण करके घर से बाहर जाने पर सभी बाधाएँ दूर होती हैं । 

20. प्रात: काल गणेश जी को दूर्वा अर्पित करके घर से बाहर जाएँ सभी कार्य निर्विघ्न रूप से संपन्न होंगे । 

21. पांच बत्तियों का दीपक किसी भी मंगलवार या शनिवार को हनुमान मंदिर में जला कर उनसे अपनी समस्या के निराकरण के लिए प्रार्थना करें सभी परेशानियाँ, मानसिक तनाव दूर हो जायेंगे । 

22. सुबह पूजा के बाद आरती करते हुए दीपक में दो लौंग डाल दें या कपूर में दो फूल वाले लौंग डालकरआरती करें दिन भर सारे कार्य सुगमता से बनेगें । 

23. शनिवार के दिन सरसों के तेल और काली उरद के दान देने से सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं । 

24. यदि आये दिन आपके कार्यों में विघ्न आते है बने हुए काम बिगड़ जाते हैं तो, किसी भी दिन सरसों के तेल के दीपक में एक अखंडित लौंग डालकर उस दीपक को निर्जन स्थान में जला दें, और प्रभु से मन ही मन अपनी समस्या के निराकरण के लिए प्रार्थना करें …। सभी विघ्न बाधाएं शांत हो जाएगी। कार्यों में सफलता मिलने लगेगी । 

25. रविवार को छोड़कर प्रतिदिन सुबह तुलसी के पौधे में जल चड़ाकर धूप से अर्ध्य देकर ही घर से बाहर जाएँ, सभी दिशाओं से उत्साह वर्धक समाचार प्राप्त होंगे । 

26. महत्वपूर्ण कार्यों को करते समय लाल/नीले गहरे कलर के कपड़े पहनने से कार्यों में अवश्य ही सफलता प्राप्त होती है । 

27. घर से बाहर किसी महत्वपूर्ण कार्य में जाते समय मुख्य द्वार पर काली मिर्च डालकर उस पर पैर रखकर घर से बाहर निकलें फिर वापस न आएं कार्यों में सफलता मिलेगी । 

29. सिंदूर लगाये हुवे भैरवनाथ जी की मूर्ति से सिंदूर लेकर के अपने ललाट पर तिलक करें, और अपने मन की सारी बात भैरवनाथ जी को कह दें, ऐसा प्रत्येक रविवार के दिन करें, कुछ ही सप्ताह में आपके सभी काम निर्विघ्न रूप से बनते ही जायेंगे।

30. किसी शनिवार को, यदि उस दिन ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ हो तो अति उत्तम सांयकाल अपनी लम्बाई के बराबर लाल रेशमी सूत नाप लें। फिर एक पत्ता बरगद का तोड़ें। उसे स्वच्छ जल से धोकर पोंछ लें। तब पत्ते पर अपनी कामना रुपी नापा हुआ लाल रेशमी सूत लपेट दें, और पत्ते को बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। इस प्रयोग से सभी प्रकार की बाधाएँ दूर होती हैं, और कामनाओं की पूर्ति होती है। 

31. प्रत्येक प्रकार के संकट निवारण के लिये भगवान गणेश की मूर्ति पर कम से कम 21 दिन तक थोड़ी-थोड़ी जावित्री चढ़ावें, और रात को सोते समय थोड़ी जावित्री खाकर सोवें। यह प्रयोग 21, 42, 64 या 84 दिनों तक करें।

32. बुधवार के दिन सुबह स्नान अदि करने के बाद समीप स्थित किसी गणेश मंदिर जाएं और भगवान श्रीगणेश को 21 गुड़ की ढेली के साथ दूर्वा रखकर चढ़ाएं। इस उपाय को करने से भगवान श्रीगणेश भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी कर देते हैं। ये बहुत ही चमत्कारी उपाय है। 

आगे कुछ ऐसे उपाय है जिनको सच्चे मन से अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में तमाम बाधाओं को दूर करते हुए अपने कार्यों में सफलता प्राप्त कर सकता है । 

नित्य प्रतिदिन घर से बाहर काम पर जाते समय अपनी माँ अथवा पत्नी के हाथ से थोड़ा मीठा दही या कुछ भी मीठा जैसे एक चुटकी चीनी ही खाकर फिर उस दिन के हिसाब से उपाय करके बाहर जायें, आपको सर्वत्र सफलता मिलेगी। 

किसी भी शुभ कार्य में जाने से पहले यदि सप्ताह के सभी दिन यथासंभव निम्न बातों का ध्यान रखें तो, हर प्रकार से उन्नति एवं लाभ की प्राप्ति होती है ।

1. रविवार को पान खाकर या पान का पत्ता साथ रखकर जायें। 

2. सोमवार को दर्पण में अपना चेहरा देखकर बाहर काम पर जाएँ। 

3. मंगलवार को गुड़ या मिष्ठान खाकर घर से बाहर जायें। 

4. बुधवार को हरा / सूखा धनिया खाकर घर से जायें । 

5. गुरूवार को जीरा या सरसों के कुछ दाने मुख में डालकर जायें।

6. शुक्रवार को दही खाकर काम जायें। 

7. शनिवार को अदरक और घी खाकर जाना चाहिये।

विवाह बाधा निवारण

अपने बच्चों के विवाह के लिए चिंतित अभिभावक यह उपाय करें, अवश्य लाभ होगा :-

Dr.R.B.Dhawan

उपाय : – शुक्ल पक्ष के किसी मंगलवार 11 पीपल के पत्ते लें डंडी वाले ओर उन पर सिंदूर से राम नाम लिखें, अनार की टेहनी से कलम बनाके सिंदूर में गंगा जल मिला कर “राम-राम” लिखना है, फ़िर इन पत्तो की डंडी में कलावे की सहायता से इन 11 पत्तों की माला बनालें ओर इसे हनुमान जी पे चढाकर आयें, ये 11 मंगल वार लगातार करना है, 11 मंगलवार से पहले ही आपका कार्य सम्पन्न हो जायेगा।
नोट – कन्या इसे मन्दीर के पंडित से ही चढवायें उनसे बोलें की ये मेरी और से, जब पंडित चढा दे तब आप हनुमान जी से दूर से ही अपने विवाह की प्रार्थना करें।